जीवामृत

(अ) घन जीवामृत (एक एकड़ खेत के लिए)

सामग्री :-
1. 100 किलोग्राम गाय का गोबर
2. 1 किलोग्राम गुड/फलों का गुदा की चटनी
3. 2 किलोग्राम बेसन (चना, उड़द, अरहर, मूंग)
4. 50 ग्राम मेड़ या जंगल की मिट्टी 
5. 1 लीटर गौमूत्र

धान का भण्डारण

वर्ष भर धान की उपलब्धता बनी रहे इसके लिये इसका उचित भंडारण जरूरी है। भण्डारण के पूर्व धान में नमी की मात्रा सुरक्षित करनी चाहिए। लम्बी अवधि के भण्डारण हेतु नमी की मात्रा 12 प्रतिशत एवं अल्पावधि भण्डारण हेतु 14 प्रतिशत होनी चाहिए। भण्डारण से पहले या बाद मे भंडारित कीटो से बचाव का भी प्रबंध करना आवश्यक है। भण्डारण हेतु विभिन्न आकारों, किस्मों एवं सामाग्रियों के बने पात्र प्रयोग किए जाते हैं। ये मिट्टी, लकड़ी, बांस, जूट की बोऱियों, ईंटों कपड़ो आदि जैसी स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री से बनाए जाते हैं। यद्यपि ऐसे पात्रों में लम्बी अवधि हेतु भण्डारण संभव नहीं होता है क्योंकि इनमें वायुरोधक क्षमता

बीज अंकुरण की अखबार विधि

बीजअंकुरण की अखबार विधि बेहद कारगर होती है। इस तरीके से बीज दो से तीन दिन के अंदर अंकुरित हो जाते हैं। बाद में उन्हें खेत में जगह बनाकर बुवाई कर तुरंत पानी देना लाभप्रद रहता है। इसके लिए पहले अखबार को पानी से भिगोते हुए चार परत में मोड़ दे। इसके बाद उस पर थोड़ी दूरी के अंतर पर बीज रखकर अखबार को रोल कर धागे से बांधकर छाया में रखें। बीज में जड़ बनने पर उसे मिट्टी में रोप दें।

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