मृदा स्वास्थ सुधार

मृदा जनित बिमारियों का जैव नियंत्रण -ट्राइकोडर्मा का महत्त्व व उपयोग

Trichoderma

ट्राइकोडर्मा पादप रोग प्रबंधन विशेष तौर पर मृदा जनित बिमारियों के नियंत्रण के लिए बहुत की प्रभावशाली जैविक विधि है। ट्राइकोडर्मा एक कवक (फफूंद) है। यह लगभग सभी प्रकार के कृषि योग्य भूमि में पाया जाता है। ट्राइकोडर्मा का उपयोग मृदा - जनित पादप रोगों के नियंत्रण के लिए सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

प्रमुख पोषक तत्वो के कार्य व कमी के लक्षण

प्रमुख  पोषक तत्वो के कार्य व कमी के लक्षण

जीव जगत में जिस तरह से प्रत्येक प्राणी को अपना जीवन निर्वाह करने के लिए कुछ पोषक तत्वों की आवश्कता होती है, उसी तरह से पौधों को भी अपनी वृद्धि, प्रजनन, तथा विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए कुछ पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है । इन पोषक तत्वों के उपलब्ध न होने पर पौधों की वृद्धि रूक जाती है यदि ये पोषक तत्व एक निश्चित समय तक न मिलें तो पौधों की मृत्यु आवश्यम्भावी हो जाती है । पौधे भूमि से जल तथा खनिज-लवण शोषित करके वायु से कार्बन डाई-आक्साइड प्राप्त करके सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में अपने लिए भोजन का निर्माण करते हैं । फसलों के पौधों को प्राप्त होने वावली कार्बन-डाई-आक्साइड तथा सूर्य के प्रकाश