नाइट्रोजनी जैविक खाद

नाइट्रोजनी जैविक खाद वे जैविक खाद होती है जो मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाती है। प्रकृति में कई ऐसे जीवाणु और नील हरित शैवाल हैं जो वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करते हैं। राइजोबियम (Rhizobium), एज़ोटोबैक्टर (Azotobacter), बेजरिंकिया (Beijrinkia), क्लॉस्ट्रिडियम (Clostridium), रोडोस्पाइरिलम (Rhodospirillum), हर्बास्पाइरिलम (Herbaspirillum) और एज़ोस्पाइरिलम (Azospirillum) नाइट्रोजन यौगिकीकरण करने वाले कुछ महत्वपूर्ण जीवाणु हैं।राइज़ोबियम जीवाणु दलहनी वनस्पतियों की जड़ों में सहजीवी रूप में रहकर वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करते हैं।

लाल मटकू - एक कीटनाशी बुग्ड़ा

कपास की फसल में कच्चे बीजों से तेल पीने वाला एक बदबूदार कीड़ा है लाल बनिया जिसका शिकार करने वाले कीड़े इस प्रकृति में बहुत कम हैं. इन्हीं में से एक कुशल शिकारी है यह लाल- मटकू जी हाँ! सरसरी तौर पर देखने से तो यह बुग्ड़ा भी लाल बनिये जैसा ही नजर आता है. आये भी क्यों नही? दोनों का वंशक्रम Heteroptera व् कुनबा Pyrrhocoridae एक ही जो ठहरा. कीट विज्ञानियों की बोली में इस लाल- मटकू का नाम है: Antilochus cocqueberti.माध्यम आकार के इस बुग्ड़े का रंग कहीं से लाल और कहीं से काला होता है पर ये दोनों रंग होते है खूब चटकीले. इसके शारीर की बनावट लम्बौत्रिय अंडाकार होती है.

Lal Matku

बिना प्रमाणीकरण के भी जैविक खेती के उत्पादों का अच्छा मूल्य मिलना संभव

PGS Certificates

प्रमाणीकरण उपभोक्ताओं को दिलाया जाने वाला लिखित विश्वाश है जिसके आधार पर उपभोक्ता बिना उत्पादक से सीधा संपर्क किये यह विश्वाश कर सकता है की वो जो उत्पाद खरीद रहा है उसका उत्पादन जैविक खेती के मानकों के अनुसार ही हुआ है। यह लिखित विश्वाश उन उपभोक्ताओं और आयतकों के लिए उपयोगी है जो दूसरे देशों में रहते है और हमारे देश में आकर उत्पादन को देख पाना व्यवहारिक नही है। अतः निर्यात के लिए बनाये गए उत्पादों का प्रमाणीकरण एक आवश्यकता हो सकती है किन्तु हमारे देश के एक अरब से भी ज्यादा उपभोक्ताओं को बिना प्रमाणीकरण के भी विश्वाश पैदा किया जा सकता है (उत्पाद के पैकेट पर बिना प्रमाणीकरण के "100 प्रतिशत जै

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